बच्चों का दिल खुश करने का, और प्रेम की बरखा तो मां- बच्चों के बीच हरदम ही है।। बच्चों का दिल खुश करने का, और प्रेम की बरखा तो मां- बच्चों के बीच हरदम ही है।।
वह मेरी उससे आखिरी मुलाकात थी, उसके बाद न तो उससे मुलाकात हुई और न मैंने उसके बाद उसको कभी देखा। वह मेरी उससे आखिरी मुलाकात थी, उसके बाद न तो उससे मुलाकात हुई और न मैंने उसके बा...
अच्छाई का फायदा उठाना आ बैल मुझे मार जैसा है पर ये बात उसे बड़ी देर से समझ आई। अच्छाई का फायदा उठाना आ बैल मुझे मार जैसा है पर ये बात उसे बड़ी देर से समझ आई।
भागदौड़ भरी दुनिया में उनकी समस्यों को अनदेखी न करें। आखिर वे भी तो इंसान है। भागदौड़ भरी दुनिया में उनकी समस्यों को अनदेखी न करें। आखिर वे भी तो इंसान है।
चांद-तारे उसे काट खाने को दौड़ते हैं। मछलियों का नाम सुनकर वह भागने लगता है। उसे लगता ह चांद-तारे उसे काट खाने को दौड़ते हैं। मछलियों का नाम सुनकर वह भागने लगता है। उसे...
एक तारीख जैसे घर में उत्सव होता है उस दिन वह धुली हुई साड़ी पहन दर्पण के सामने बैठकर चोटी बनाती है। ... एक तारीख जैसे घर में उत्सव होता है उस दिन वह धुली हुई साड़ी पहन दर्पण के सामने ब...